*विकसित भारत जन सेवा अभियान, राजीविका के माध्यम से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक सम्बल*




 जिला -प्रतापगढ

तहसील-छोटीसादडी

रिपोर्टर -प्रहलाद जणवा

*स्वरोजगार से बढ़ा आत्मविश्वास, महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर*


प्रतापगढ़, 23 सितंबर। राजीविका के माध्यम से जिले की ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। समूहों के माध्यम से महिलाओं को ऋण एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध होने से वे पशुपालन, जैविक कृषि, सिलाई तथा विभिन्न प्रकार के खाद्य उत्पाद तैयार कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।


*पशुपालन एवं जैविक कृषि से बनी लखपति दीदी*


राजीविका से जुड़ी सोना बैरागी ने पशुपालन एवं जैविक कृषि को आजीविका का माध्यम बनाया। समूह के सहयोग एवं उपलब्ध अवसरों का लाभ लेते हुए उन्होंने अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाया और आज वह लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।


सोना बैरागी ने बताया, “राजीविका से जुड़ने के बाद मुझे अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। पशुपालन एवं जैविक कृषि के माध्यम से मेरी आय में वृद्धि हुई और आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूं।”


*समूह से मिला संबल, बढ़ा आत्मविश्वास*


सुहागपुरा की कावड़ी मीणा पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में समूह में 10 महिलाएं जुड़ी थीं और उन्होंने एक लाख रुपये का ऋण लिया था। समूह की महिलाओं ने बकरी पालन, सिलाई सहित विभिन्न गतिविधियां शुरू कीं और आज सभी महिलाएं अपने कार्य से आगे बढ़ रही हैं।


कावड़ी मीणा ने बताया, “पहले बाहर जाने और बैठकों में शामिल होने में संकोच होता था, लेकिन राजीविका से जुड़ने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है। आज हमारी अपनी पहचान बनी है और हम महिलाएं मिलकर आगे बढ़ रही हैं।”


*समूह से जुड़कर तैयार कर रहीं स्थानीय उत्पाद*


पीपलखूंट के भारत माता क्लस्टर से जुड़ी महिला ने बताया कि उनके केंद्र से करीब 300 महिलाएं जुड़ी हैं। महिलाएं मिलकर मिर्ची मसाला, हल्दी मसाला, आंवला कैंडी सहित विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और वे अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।


उन्होंने बताया, “क्लस्टर से जुड़ने के बाद हमें अपने उत्पाद तैयार करने और उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। हमारे साथ करीब 300 महिलाएं जुड़ी हैं और सभी मिलकर कार्य कर रही हैं। इससे हमें आर्थिक रूप से मजबूती मिली है।”

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