राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर शुक्रवार को स्थानीय जिला चिकित्सालय परिसर में ब्लॉक एवं नगर कांग्रेस कमेटी की ओर से जयंती समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, जनप्रतिनिधि, गणमान्यजन एवं आमजन उपस्थित रहे और दोनों महान विभूतियों के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कांग्रेसजनों एवं आमजनों ने महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष, त्याग, सादगी और राष्ट्रसेवा को स्मरण करते हुए उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प व्यक्त किया। समारोह स्थल पर “महात्मा गांधी अमर रहें” एवं “लाल बहादुर शास्त्री अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
आंजना ने गांधीजी के सत्य और अहिंसा के संदेश को किया याद
इस अवसर पर उदयलाल आंजना ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गांधीजी का जीवन सत्य, अहिंसा, सादगी, सेवा और सामाजिक समरसता के मूल्यों का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने सत्य और अहिंसा को केवल व्यक्तिगत जीवन का आदर्श नहीं माना, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जनजीवन से जुड़े कार्यों का माध्यम बनाया। गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति भी गांधीजी के जीवन, विचार और अहिंसा के संदेश को समाज में प्रसारित करने को अपने प्रमुख उद्देश्यों में रखती है।
शास्त्रीजी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को किया नमन
आंजना ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शास्त्रीजी का सार्वजनिक जीवन सादगी, विनम्रता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि पद से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति का आचरण और देश के प्रति उसकी जिम्मेदारी होती है।
आंजना ने कहा कि गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से मानवता को दिशा दी, वहीं शास्त्रीजी ने सादगीपूर्ण जीवन और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में उच्च आदर्श स्थापित किए। दोनों महापुरुषों के जीवन से हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने तथा जरूरतमंद और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा मिलती है।
गांधी-शास्त्री के विचारों को जनजीवन में अपनाने का आह्वान
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, ग्राम विकास और सामाजिक समरसता का विचार तथा लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, अनुशासन, किसान एवं जवान के प्रति सम्मान की भावना आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। गांधीजी के रचनात्मक कार्यक्रम में सामाजिक एकता, अस्पृश्यता उन्मूलन, ग्राम स्वच्छता, शिक्षा, आर्थिक समानता, किसान और श्रमिक कल्याण जैसे विषयों को महत्व दिया गया था।
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